नई दिल्ली। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। ट्रेनिंग के दौरान लगी टखने की लिगामेंट चोट के कारण उन्हें जापान के नागोया में होने वाले इस मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट से बाहर होना पड़ा। अब करीब एक महीने बाद नीरज ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए एशियन गेम्स से बाहर होने पर अपना दर्द साझा किया है।
नीरज ने अपने LinkedIn पोस्ट में कहा कि इस बार एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल रहा। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स को याद करते हुए बताया कि उस समय महज 20 साल की उम्र में उन्होंने भारत का फ्लैग-बेयर किया था और जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था।
नीरज ने कहा कि तिरंगे और हजारों लोगों की उम्मीदों का भार उठाने की भावना को वह अच्छी तरह समझते हैं। ऐसे में पांच साल बाद एशियन गेम्स में अपने खिताब को बचाने का मौका उनके लिए बेहद खास था। लेकिन चोट के कारण उन्हें इस बार प्रतियोगिता से दूर रहना पड़ रहा है।
लिगामेंट चोट के कारण लिया फैसला
नीरज के मुताबिक, वह फिलहाल लिगामेंट की चोट से जूझ रहे हैं। काफी सोच-विचार के बाद एशियन गेम्स से हटने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि देश की उम्मीदों के साथ मैदान पर उतरना उनके लिए सबसे बड़े सम्मान में से एक है, लेकिन इस बार इस मौके से दूर रहना दर्दनाक है।
उन्होंने यह भी कहा कि चोट खेल का हिस्सा है और हर चीज को खिलाड़ी अपने नियंत्रण में नहीं रख सकता। ऐसे समय में परिवार, टीम और आसपास के लोगों का समर्थन काफी मायने रखता है।
चोटों से पहले भी जूझ चुके हैं नीरज
नीरज चोपड़ा के करियर में चोटों का सामना पहले भी रहा है। 2019 में उन्हें दाहिनी कोहनी की सर्जरी करानी पड़ी थी। 2022 में ग्रोइन इंजरी के कारण वह कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर रहे थे। 2023 में उन्हें मसल स्ट्रेन और 2024 में एडडक्टर से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। अब एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद उनका ध्यान चोट से उबरने और फिटनेस हासिल करने पर रहेगा।