भिलाई चरोदा | नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर आम जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जल आवर्धन योजना के नाम पर शहर को विकास की सौगात देने का दावा करने वाला निगम प्रशासन अब फोरलेन पर हादसों को आमंत्रण दे रहा है। सिरसा गेट चौक के पास पाइपलाइन मरम्मत के नाम पर खोदे गए गड्ढे यात्रियों और वाहन चालकों की जान जोखिम में डाल दी है।

मिट्टी डालकर झाड़ लिया पल्ला
सिरसा गेट चौक के समीप पिछले दिनों जल आवर्धन योजना की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। निगम प्रशासन ने मरम्मत कार्य तो कराया, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बाद खोदे गए गहरे गड्ढे को पक्का करने के बजाय केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया। लगातार वाहनों की आवाजाही और भारी दबाव के कारण अब यहाँ खतरनाक गड्ढे बन गए हैं।
बस फंसी, टला बड़ा हादसा
बीते दिन यहाँ एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। यात्रियों से खचाखच भरी एक निजी बस इस कीचड़ भरे गड्ढे में बुरी तरह फंस गई। बस के फंसते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी। काफी मशक्कत के बाद बस को बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं।

प्रशासन की चुप्पी से आक्रोश
स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों में निगम प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र व्यस्ततम फोरलेन का हिस्सा है, जहाँ 24 घंटे भारी वाहनों का दबाव रहता है। इसके बावजूद मरम्मत के बाद सड़क का डामरीकरण न करना निगम की घोर लापरवाही को दर्शाता है।