नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को 11 दिनों के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने कोर्ट से 15 दिन की कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने 11 दिन का आदेश दिया। इससे एजेंसी को गैंगस्टर नेटवर्क, फंडिंग चेन और विदेश से संचालित आपराधिक गतिविधियों की जांच के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
एनआईए ने मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत में गिरफ्तारी की। 2022 से फरार अनमोल को ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया गया था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि अनमोल को लुइसियाना से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में लिया गया।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने डिपोर्टेशन की पुष्टि करते हुए ईमेल में बताया कि अनमोल बिश्नोई को 18 नवंबर 2025 को अमेरिकी सरकार ने देश से बाहर किया। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉइस सैंपल से उसकी पहचान की थी।
मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पृष्ठ की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पता चला कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया। वह अमेरिका से गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था।
पंजाब के फाजिल्का जिले का रहने वाला अनमोल अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका भागा था। उसका नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था। इसके अलावा, अप्रैल 2024 में सलमान खान के घर पर फायरिंग और मई 2022 में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में हथियार और सपोर्ट देने का आरोप भी उस पर है। कुल मिलाकर 18 मामले दर्ज हैं, जिनमें जबरन वसूली, हत्या और हथियार तस्करी शामिल हैं।