निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल कंपनियों के CEO को दिया भारत में निवेश का न्योता, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने न्यूयॉर्क में वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) के साथ कई दौर की बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने कंपनियों को भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठकों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जोखिम प्रबंधन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश के अवसर

टिलमैन होल्डिंग्स के चेयरमैन और CEO संजीव आहूजा के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने भारत की नीतिगत व्यवस्था और हालिया बजट घोषणाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को बढ़ावा दे रही हैं।

सीतारमण ने AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी के तेजी से विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में डेटा सेंटर, हाई-कैपेसिटी नेटवर्क और भरोसेमंद बिजली इन्फ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ रही है। ऐसे में वैश्विक कंपनियों के लिए भारत में निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं।

मार्श री ने जताई भारत में विस्तार की इच्छा

वित्त मंत्री ने मार्श री के CEO डीन क्लिसुरा और कंपनी की रणनीति एवं कॉरपोरेट डेवलपमेंट प्रमुख देवांशु ध्यानी से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक प्रोफेशनल सर्विसेज और रिस्क-मैनेजमेंट कंपनियों को बड़ा घरेलू बाजार, कुशल प्रतिभा, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल क्षमताएं उपलब्ध करा रहा है।

बैठक में मार्श री की टीम ने भारत सरकार के सुधार-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की और देश में अपनी मौजूदगी तथा कारोबार का विस्तार करने की योजना की जानकारी दी। कंपनी ने गिफ्ट सिटी पर अपना फोकस बढ़ाने और वहां वित्तीय इकोसिस्टम के साथ अपनी भागीदारी मजबूत करने की भी बात कही।

बीएनवाई मेलन ने भारत को बताया रणनीतिक बाजार

निर्मला सीतारमण ने बीएनवाई मेलन के ग्रुप COO एलेजांद्रो पेरेज के साथ भी बैठक की। इसमें भारत की मजबूत आर्थिक विकास यात्रा और वैश्विक वित्तीय संस्थानों के लिए देश में मौजूद निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।

एलेजांद्रो पेरेज ने भारत के प्रति बीएनवाई मेलन की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए कहा कि कंपनी की वैश्विक गतिविधियों और विकास रणनीति में भारत एक महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है। उन्होंने IIT समेत प्रमुख भारतीय संस्थानों के साथ कंपनी की भागीदारी का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि भारत अब केवल डिलीवरी सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और AI जैसी उन्नत क्षमताओं के लिए तेजी से एक रणनीतिक वैश्विक हब के रूप में उभर रहा है।

गिफ्ट सिटी-IFSC में निवेश के अवसर

बैठकों के दौरान भारत के बढ़ते वित्तीय इकोसिस्टम, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और गिफ्ट सिटी-IFSC से जुड़े अवसरों पर भी चर्चा हुई।

वित्त मंत्री ने बीएनवाई मेलन की टीम को गिफ्ट सिटी-IFSC का दौरा करने और वहां उपलब्ध विभिन्न उत्पादों व सेवाओं के अवसरों का जायजा लेने के लिए आमंत्रित किया।

सरकार का जोर भारत को वैश्विक निवेश, वित्तीय सेवाओं, तकनीक और उन्नत कारोबारी गतिविधियों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर है। न्यूयॉर्क में हुई इन बैठकों को इसी दिशा में विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

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