डेस्क। गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाले देवता माने जाते हैं। ऐसे में इस दिन श्रद्धा के साथ पूजा करने के अलावा कुछ पारंपरिक उपाय भी किए जाते हैं। मान्यता है कि इन उपायों से घर में सकारात्मक वातावरण और आपसी प्रेम की कामना की जाती है।
21 दूर्वा अर्पित करें
गणेश जी को दूर्वा विशेष प्रिय मानी जाती है। गणेश चतुर्थी के दिन पूजा के दौरान भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में शांति और सकारात्मकता की कामना की जाती है।
मोदक या लड्डू का लगाएं भोग
गणेश पूजा में मोदक और लड्डू का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश को मोदक, बेसन के लड्डू या बूंदी के लड्डू का भोग लगाया जा सकता है। पूजा के बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांटें और जरूरतमंदों या बच्चों को भी प्रसाद दें।
गणेश जी को सिंदूर चढ़ाएं
गणेश पूजा में सिंदूर अर्पित करने की भी परंपरा है। गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को शुद्ध एवं पूजा के लिए उपयुक्त सिंदूर से तिलक करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सिंदूर अर्पित करने से सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की जाती है।
पूजा में रखें सुपारी
पूजा के दौरान एक सुपारी लेकर उस पर मौली या कलावा लपेटकर भगवान गणेश के पास रख सकते हैं। विधि-विधान से पूजा करने के बाद इसे पूजा स्थान पर सुरक्षित रखा जाता है। कई परंपराओं में सुपारी को भगवान गणेश के प्रतीक के रूप में भी पूजा जाता है।
आपसी समझ भी जरूरी
गणेश चतुर्थी पर किए जाने वाले ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़े हैं। घर में शांति और प्रेम बनाए रखने के लिए पूजा-पाठ के साथ परिवार के सदस्यों के बीच आपसी बातचीत, सम्मान और समझ को भी महत्व देना जरूरी है। यदि परिवार में लंबे समय से तनाव या गंभीर मतभेद हैं, तो उसके वास्तविक कारणों को समझकर समाधान की दिशा में प्रयास करना भी आवश्यक है।