रायपुर। ‘दैनिक आज की जनधारा’ की 36वीं वर्षगांठ के अवसर पर रायपुर में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ में अगला युवा सम्मेलन’ युवाओं के संवाद, कला-संस्कृति और प्रतिभा सम्मान का जीवंत मंच बन गया। बेबीलॉन कैपिटल होटल में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे तो आयोजन स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मुख्यमंत्री साय का स्वागत ‘दैनिक आज की जनधारा’ के प्रधान संपादक सुभाष मिश्र और प्रबंध संपादक सौरभ मिश्र ने किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को अपनी प्रतिभा और विचार सामने रखने का अवसर देते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का उल्लेख करते हुए जशपुर की विशेषताओं को याद किया। उन्होंने कहा कि जशपुर कला और संस्कृति से समृद्ध होने के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य से भी परिपूर्ण है। उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती संघर्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि वे जशपुर के छोटे से गांव बगिया से आते हैं और एक सामान्य परिवार में पले-बढ़े। बचपन में ही परिवार की जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने पढ़ाई पूरी की और छोटे भाइयों की शिक्षा सहित अन्य दायित्व निभाए।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और नागपुरी परंपरा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जुड़ाव रहा तथा वे कई कार्यक्रमों में अतिथि के रूप में भी शामिल होते रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की लोककलाओं की वैश्विक पहचान का उल्लेख करते हुए पंडवानी को दुनिया की अद्भुत कलाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि एक महिला कलाकार द्वारा पूरी रात अकेले महाभारत की कथा का गायन और अभिनय करना अपने आप में असाधारण है।



मुख्यमंत्री ने महान पंडवानी गायिका तीजन बाई को छत्तीसगढ़ का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि तमूरा बजाते हुए गायन, अभिनय और कथा को जीवंत कर देने की उनकी कला ने छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। तीजन बाई की कला का उल्लेख करते हुए सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्धता भी सामने आई।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध अभिनेता, गायक, गीतकार और रंगकर्मी पीयूष मिश्रा के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संवाद रहा। दोनों के बीच बातचीत में छत्तीसगढ़ की यादों, कला, संस्कृति और युवाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। पीयूष मिश्रा ने अपनी चर्चित प्रस्तुति ‘आरंभ है प्रचंड’ गीत गाकर सुनाया तो मुख्यमंत्री साय सहित पूरा सभागार मंत्रमुग्ध हो गया। गीत की प्रस्तुति के दौरान युवाओं ने जमकर तालियां बजाईं और पूरा वातावरण ऊर्जा से भर गया।
सम्मेलन में पीयूष मिश्रा के साथ युवाओं का खुला संवाद भी हुआ। युवाओं ने कला, साहित्य, सिनेमा, रचनात्मकता और जीवन के अनुभवों से जुड़े सवाल किए। पीयूष मिश्रा ने अपने अनुभवों के माध्यम से युवाओं से संवाद किया और अपनी कला यात्रा से जुड़े प्रसंग साझा किए। कार्यक्रम में कविता पाठ, एकल गायन, लघु फिल्म और बैंड प्रस्तुति ने भी युवाओं को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर दिया।



‘छत्तीसगढ़ में अगला युवा सम्मेलन’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा युवा प्रतिभाओं का सम्मान रहा। खेल, स्वास्थ्य, सामाजिक कार्य, कला, संगीत, उद्यमिता, साहित्य, पत्रकारिता, फिल्म निर्माण, आंतरिक सज्जा, फिटनेस, पशु कल्याण और प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे युवाओं को सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में कलारीपयट्टु से जुड़े गगन सोनी, स्वास्थ्य के क्षेत्र मंन गरिमा राजिमवाले और अनुगंज तिवारी, सामाजिक कार्य के लिए सुदेसना रोहन तथा कला और संगीत के क्षेत्र में अनुराग शर्मा को सम्मान मिला। उद्यमिता के क्षेत्र में अभय गिल और युवा उपलब्धि के लिए महासमुंद के संजय डहरिया को यूथ आइकन सम्मान दिया गया। संजय डहरिया को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए सम्मानित किया गया।
पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में पीयूष अग्रवाल और निशा द्विवेदी को सम्मान दिया गया। सामाजिक समूहों से जुड़े मानवी दरियानी, अदिति शाह के मामा गिग्स क्लब तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार से जुड़े संतोष गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। युवा फिल्म निर्माण के क्षेत्र में रुनझुन जैन, आंतरिक सज्जा के क्षेत्र में अपूर्व बैद, फिटनेस उद्यमिता के लिए ललितेश चौधरी और फिटनेस समूह के क्षेत्र में रौनक रूपरेला को सम्मान मिला। पशु कल्याण के क्षेत्र में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े मोइज़ अहमद तथा प्रशासनिक एवं संस्थागत क्षेत्र में सक्रिय भूमिका के लिए पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक दिगेश पटेल को भी सम्मानित किया गया।


सम्मेलन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के पास प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें मंच और पहचान देने की है। ‘दैनिक आज की जनधारा’ की 36वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह आयोजन युवाओं के विचार, उपलब्धियों, रचनात्मकता और सांस्कृतिक जुड़ाव को एक मंच पर लाने वाला अवसर बना। मुख्यमंत्री साय और पीयूष मिश्रा के संवाद से लेकर युवा प्रतिभाओं के सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, पूरा आयोजन युवाओं के उत्साह और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा दिखाई दिया।