नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी INDIA ब्लॉक ने अपनी आवाज बुलंद की है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की अनुमति मिल गई है। राष्ट्रपति भवन ने आज रात 8 बजे का समय निर्धारित किया है। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में केवल 10 सदस्यों को शामिल होने की अनुमति दी गई है, जबकि विपक्ष सभी सांसदों के साथ मुलाकात करना चाहता था।
CEC को हटाने और SIR पर हस्तक्षेप की मांग
विपक्षी दलों का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग उठाएगा। इसके साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं पर भी राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राज्यों में चिंताएं सामने आई हैं। ऐसे में राष्ट्रपति को इन मुद्दों से अवगत कराकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
खरगे, राहुल और ममता समेत प्रमुख नेता होंगे शामिल
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विपक्ष के अन्य प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं।
विपक्षी नेताओं की इस मुलाकात को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति के सामने रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
300 सांसदों के साथ मुलाकात चाहता था विपक्ष
विपक्ष की ओर से पहले अधिक संख्या में सांसदों के साथ राष्ट्रपति से मिलने की मांग की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, 6 अक्टूबर को बड़ी संख्या में सांसदों के मार्च और मुलाकात की योजना भी सामने आई थी। लेकिन राष्ट्रपति भवन के प्रोटोकॉल के तहत प्रतिनिधिमंडल में केवल 10 सदस्यों को शामिल करने की अनुमति दी गई।
कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने इस पर असंतोष जताते हुए कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के सभी विपक्षी सांसद राष्ट्रपति के सामने अपने निर्वाचन क्षेत्रों और राज्यों की स्थिति रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सांसद SIR प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी भी राष्ट्रपति को देना चाहते हैं।
INDIA ब्लॉक की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले INDIA ब्लॉक के नेताओं की संसद के सेंट्रल हॉल में बैठक हुई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी भी बैठक में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता एक साथ बैठकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
ममता बनर्जी ने इस दौरान ट्रेनों के रद्द होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कोलकाता से राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें रद्द होने से छात्र और युवा परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल भी बैठक में पहुंचे। विपक्षी दलों की नजर अब राष्ट्रपति के साथ होने वाली मुलाकात पर है, जहां वे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े अपने सवालों को औपचारिक रूप से रखेंगे।
अब सबकी नजर राष्ट्रपति से होने वाली मुलाकात पर है। विपक्ष की मांगों पर क्या रुख सामने आता है और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।