नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। शनिवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे शहर ‘रेड जोन’ में पहुंच गया है। लगातार बढ़ते प्रदूषण ने दिल्लीवासियों की सांसें और मुश्किल कर दी हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, आनंद विहार, पंजाबी बाग, आईटीओ और रोहिणी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में AQI 430 से 460 के बीच रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में पराली जलाने, ठंडी हवाओं और वाहनों से निकलने वाले धुएं के मिश्रण से प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है।
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इस चरण के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है, स्कूलों में बाहरी गतिविधियाँ स्थगित कर दी गई हैं, और डीज़ल वाहनों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी गई है। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि मौजूदा प्रदूषण स्तर बच्चों, बुजुर्गों और फेफड़ों की बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए अत्यधिक हानिकारक है। डॉक्टरों ने लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने, घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग करने और सुबह की सैर या आउटडोर व्यायाम से परहेज़ करने की सलाह दी है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में दिल्ली का प्रदूषण स्तर “गंभीरतम श्रेणी” (Severe+) में पहुंच सकता है। फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर में धुंध की मोटी परत छाई हुई है और दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।