भिलाई लाल मैदान की जमीन पर पुलिस का दावा खारिज, विकास कार्यों को मिली हरी झंडी

भिलाई नगर, 14 अगस्त। पावर हाउस स्थित लाल मैदान में पिछले करीब पांच दशकों से आयोजित हो रहे भव्य दुर्गोत्सव को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। तहसील स्तर पर हुई संयुक्त स्थल जांच में लाल मैदान की जमीन नगर पालिक निगम भिलाई के अधीन होना सामने आया है। इसके साथ ही पिछले करीब छह माह से जमीन के स्वामित्व को लेकर जारी विवाद और विकास कार्यों में लगी रोक का रास्ता साफ हो गया है।

आपको बता दें कि लाल मैदान में हर वर्ष दुर्गोत्सव के दौरान विशाल पूजा पंडाल लगाया जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों-लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं और पूजा समिति की सुविधा को देखते हुए वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के विशेष प्रयास से विशाल डोम शेड, हाईमास्ट लाइट और मैदान के सौंदर्यीकरण सहित कई विकास कार्य कराए जा रहे थे।

हालांकि करीब छह माह पूर्व छावनी थाना और दुर्ग पुलिस विभाग की ओर से लाल मैदान की जमीन को गृह विभाग/थाना के लिए आबंटित भूमि बताते हुए निर्माण एवं विकास कार्यों को रोक दिया गया था। इसके बाद जमीन के वास्तविक स्वामित्व और अधिकार क्षेत्र को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।

विधायक रिकेश सेन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा में भी जमीन के संबंध में प्रश्न उठाया और जिला प्रशासन एवं राज्य शासन से जमीन का सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इसके बाद राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित दस्तावेजों, नजरी नक्शे और मौके की स्थिति का परीक्षण किया।

11 अगस्त 2026 को प्रस्तुत संयुक्त स्थल जांच प्रतिवेदन में लाल मैदान की भूमि को नगर पालिक निगम भिलाई की भूमि बताया गया है। जांच रिपोर्ट में थाना छावनी को आबंटित भूमि और लाल मैदान की वास्तविक भूमि की स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद लाल मैदान पर पुलिस प्रशासन के स्वामित्व संबंधी दावे पर विराम लग गया है और यहां प्रस्तावित विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

दुर्गोत्सव समिति और नागरिकों में खुशी

लाल मैदान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की खबर मिलते ही क्षेत्र के नागरिकों और दुर्गोत्सव समिति में खुशी की लहर है। समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि दशकों से यहां होने वाले दुर्गोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में डोम शेड, हाईमास्ट लाइट और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन की भव्यता के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

लाल मैदान की जमीन को लेकर छह माह से चल रही उहापोह के बाद अब राजस्व जांच ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इससे न केवल दुर्गोत्सव की तैयारियों को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए प्रस्तावित विकास कार्य भी आगे बढ़ सकेंगे।

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