एशियन पैरा गेम्स में प्रवीण कुमार ने जीता गोल्ड, बंटी ने सिल्वर पर जमाया कब्जा; भारत का शानदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। बुधवार को पुरुषों की हाई जंप टी44 स्पर्धा में भारत के प्रवीण कुमार ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि बंटी ने रजत पदक अपने नाम किया। प्रवीण ने 2.05 मीटर की ऊंचाई पार कर नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

प्रवीण कुमार ने बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड

दो बार के पैरालंपिक पदक विजेता प्रवीण कुमार ने प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 1.92 मीटर की ऊंचाई से शुरुआत की और अपने आखिरी प्रयास में 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

इससे पहले प्रवीण ने 2 मीटर की ऊंचाई पार करके उज्बेकिस्तान के तेमुरबेक गियाज़ोव का 1.95 मीटर का पुराना गेम्स रिकॉर्ड तोड़ दिया था। गियाज़ोव ने 1.86 मीटर की ऊंचाई पार कर कांस्य पदक हासिल किया।

वहीं, भारतीय खिलाड़ी बंटी ने 1.92 मीटर की ऊंचाई पार करके रजत पदक जीता। इस तरह भारत ने इस स्पर्धा में पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा जमाते हुए दो पदक अपने नाम किए।

पैरालंपिक में भी देश को दिला चुके हैं पदक

प्रवीण कुमार का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में पुरुषों की हाई जंप टी64 स्पर्धा में 2.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता था।

इसके बाद हांगझू एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। पेरिस पैरालंपिक 2024 में 2.08 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीतना उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा।

वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी प्रवीण ने टी64 हाई जंप स्पर्धा में 2.00 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता था।

टी44 और टी64 श्रेणी में क्या है अंतर?

पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों को उनकी शारीरिक स्थिति और खेल में आने वाली चुनौतियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। टी44 श्रेणी में निचले अंगों की कमी, पैरों की लंबाई में अंतर या अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसी स्थितियों वाले खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। टी64 श्रेणी में निचले अंगों से संबंधित ऐसी अक्षमताओं वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं, जो दौड़ने या कूदने के लिए कृत्रिम अंग का इस्तेमाल करते हैं।

भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने पैरा एथलेटिक्स में देश की मजबूत मौजूदगी को एक बार फिर सामने रखा है। प्रवीण कुमार के रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन और बंटी के रजत पदक से भारत को इस स्पर्धा में दोहरी सफलता मिली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *