नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में जल्द विस्तार और फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि दुर्गा पूजा के दौरान 20 अक्टूबर तक कैबिनेट विस्तार हो सकता है। हालांकि, भाजपा नेतृत्व की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की इच्छा जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए पूरा समय देने की बात कही है। उनके इस कदम के बाद मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
तमिलनाडु में संगठन मजबूत करना चाहते हैं मुरुगन
एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे पांच पृष्ठों के पत्र में केंद्र सरकार में काम करने का अवसर देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है।
मुरुगन ने अनुरोध किया कि उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए और राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति दी जाए, ताकि वह तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर सकें।
उन्होंने कहा कि वह गांवों और गलियों तक जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए संगठन को मजबूत करना है।
मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वह सितंबर 2021 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने थे और अप्रैल 2024 में दोबारा निर्वाचित हुए थे। उनका मौजूदा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है।
कई पद खाली होने से विस्तार की चर्चा तेज
केंद्र सरकार में पहले से कुछ मंत्री पद खाली हैं। इसके अलावा राज्यसभा में दोबारा कार्यकाल नहीं मिलने और कुछ नेताओं के इस्तीफे के कारण मंत्रिपरिषद में बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
इससे पहले जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को हालिया राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इसके बावजूद वह केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बने हुए हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, संभावित कैबिनेट विस्तार में कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है और नए चेहरों को मौका मिल सकता है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को राज्यसभा में दोबारा नहीं भेजे जाने के बाद उनके भविष्य को लेकर भी चर्चाएं हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा की मंत्री पद पर भूमिका को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, कैबिनेट विस्तार की तारीख, मंत्रियों में संभावित बदलाव और नए चेहरों को शामिल किए जाने को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।