नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सुबह लगभग 9:30 बजे ‘भारत मंडपम’, नई दिल्ली में आयोजित साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ईएसटीआईसी) का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और प्रतिभागियों को संबोधित भी करेंगे।
देश में अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी इसी दौरान 1 लाख करोड़ रुपए के ‘रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम फंड’ की शुरुआत करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य भारत में निजी क्षेत्र द्वारा संचालित रिसर्च एंड डेवलपमेंट इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है, जिससे देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश और नवाचार को प्रोत्साहन मिल सके।
ईएसटीआईसी 2025 का आयोजन 3 से 5 नवंबर तक किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से आए शिक्षाविद, शोध संस्थानों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और नीति निर्माता शामिल होंगे। सम्मेलन में 3,000 से अधिक प्रतिभागी, नोबेल पुरस्कार विजेता, प्रख्यात वैज्ञानिक, और इनोवेटर्स हिस्सा लेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, इस कॉन्क्लेव में विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषय क्षेत्रों पर केंद्रित होगा —
एडवांस मटेरियल्स एंड मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो-मैन्युफैक्चरिंग, ब्लू इकॉनमी, डिजिटल कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, उभरती एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी, एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट, हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी, क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी।
कार्यक्रम में वैज्ञानिकों द्वारा विचार-विमर्श, पैनल डिस्कशन, प्रेजेंटेशन और टेक्नोलॉजी प्रदर्शन होंगे। यह मंच भारत के साइंस एंड टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ शोधकर्ताओं, उद्योगों और युवा इनोवेटर्स के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा।
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि ‘ईएसटीआईसी 2025’ युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए एक ऐसा मंच है जहां वे नए समाधान विकसित करने, उद्योग जगत से जुड़ने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर पाएंगे।