नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने हाल ही में अपने एक्स हैंडल पर अपने आर्टिकल का लिंक साझा करते हुए लिखा, “इस लेख में मैंने विस्तार से बताया है कि भारत कैसे ग्रीन शिपिंग के वैश्विक परिवर्तन का नेतृत्व कर सकता है।”
अपने आर्टिकल में उन्होंने बताया कि लंबे समय तक ऊर्जा परिवर्तन में पीछे रहने वाला शिपिंग सेक्टर अब बदलाव के महत्वपूर्ण मोड़ पर है। वैश्विक स्तर पर उत्सर्जन मानकों को कड़ा करने की पहल तेज हो गई है, वहीं निवेशक भी धीरे-धीरे जीरो-कार्बन जहाजों और हरित ईंधन की दिशा में अपना पूंजी निवेश बढ़ा रहे हैं। तकनीकी प्रगति के साथ यह उद्योग एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, और इस बदलाव के दौर में भारत के पास अवसर और क्षमता दोनों का अनूठा संगम मौजूद है।
सोनोवाल ने यह भी लिखा कि मोदी सरकार ने रिन्यूएबल एनर्जी के लिए मजबूत आधार तैयार किया है, जिसके परिणामस्वरूप भारत आज दुनिया के उन देशों में शामिल है जहाँ सबसे कम लागत पर अक्षय ऊर्जा उपलब्ध है।
केंद्रीय मंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में सरकार द्वारा 69,725 करोड़ रुपए (8 बिलियन डॉलर) के पैकेज को मंजूरी देना सिर्फ बजट का हिस्सा नहीं, बल्कि महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। यह बड़े निवेश भारत की स्पष्ट नीति को दर्शाता है कि देश शिपिंग उद्योग में कम कार्बन उत्सर्जन की दिशा में वैश्विक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
सोनोवाल का मानना है कि तकनीक, निवेश और नीति का संगम भारत को ग्रीन शिपिंग के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रहा है।