नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर से पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान नहीं कर रही।
‘एक्स’ पर सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को उस समय जंतर-मंतर से हटाया गया, जब वे शांतिपूर्ण और अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य पर चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाएं केवल आंकड़े नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को बल प्रयोग या प्रशासनिक कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारत के छात्र और उनके समर्थन में खड़े लोग इन मुद्दों को उठाना जारी रखेंगे और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का किया समर्थन
राहुल गांधी ने कहा कि लद्दाख और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन को लोकतांत्रिक तरीके से सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संवाद की बजाय विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि छात्रों, युवाओं और आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और रोजगार जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
सरकार का पक्ष
वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की। सरकार का कहना है कि सभी कदम नियमानुसार उठाए गए हैं।
फिलहाल, सोनम वांगचुक के आंदोलन और जंतर-मंतर की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है और इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।