बुढ़ापे में हर महीने मिलेगी ₹50,000 की इनकम! आज से शुरू करें निवेश की प्लानिंग

नई दिल्ली। नौकरी के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने रहने के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग बेहद जरूरी है। बढ़ती महंगाई, स्वास्थ्य संबंधी खर्चों और लंबी जीवन प्रत्याशा को देखते हुए केवल बचत करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसा रिटायरमेंट फंड तैयार करना भी जरूरी है, जिससे बुढ़ापे में नियमित आमदनी होती रहे। अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50,000 रुपये की आय चाहते हैं, तो निवेश की शुरुआत कब करते हैं, इसका आपके वित्तीय लक्ष्य पर बड़ा असर पड़ सकता है।

रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए SWP का विकल्प

रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी प्राप्त करने के लिए सिस्टमेटिक विदड्रॉल प्लान (SWP) एक विकल्प है। इसके जरिए म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश से हर महीने या तय अंतराल पर एक निश्चित राशि निकाली जा सकती है।

हालांकि, SWP में निकाली जाने वाली राशि पूरी तरह ब्याज या मुनाफा नहीं होती। इसमें निवेश की मूल रकम का हिस्सा भी शामिल हो सकता है। बाजार में उतार-चढ़ाव और निकासी की दर के आधार पर निवेश की रकम घट भी सकती है। इसलिए रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त फंड बनाना और निकासी की सही योजना तैयार करना जरूरी है।

20 साल की उम्र में निवेश शुरू करने वालों को कितना करना होगा निवेश?

यदि कोई व्यक्ति 60 वर्ष की उम्र में रिटायर होने का लक्ष्य रखता है, तो निवेश शुरू करने की उम्र के अनुसार मासिक निवेश की जरूरत अलग-अलग होगी। उपलब्ध अनुमान के मुताबिक, अलग-अलग उम्र में निवेश शुरू करने वालों के लिए आंकड़े इस प्रकार हैं।

निवेश शुरू करने की उम्रहर महीने अनुमानित निवेशअनुमानित रिटायरमेंट फंड
20 वर्ष₹13,114₹15.42 करोड़
25 वर्ष₹17,928₹11.52 करोड़
30 वर्ष₹24,650₹8.61 करोड़
35 वर्ष₹34,265₹6.43 करोड़
40 वर्ष₹48,630₹4.81 करोड़

इन आंकड़ों को निवेश संबंधी अनुमान के रूप में ही देखना चाहिए। वास्तविक परिणाम निवेश की अवधि, रिटर्न, महंगाई, निकासी और अन्य वित्तीय परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे। इन आंकड़ों की गणना के लिए इस्तेमाल किए गए सभी फॉर्मूलों और मान्यताओं की स्वतंत्र पुष्टि भी जरूरी है।

महंगाई को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

आज हर महीने 50,000 रुपये में होने वाला खर्च भविष्य में उतनी ही रकम से पूरा नहीं हो पाएगा। यदि महंगाई औसतन 6 प्रतिशत सालाना रहती है, तो करीब 20 साल बाद 50,000 रुपये की मौजूदा क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति माह की जरूरत पड़ सकती है।

इसलिए रिटायरमेंट की योजना बनाते समय यह स्पष्ट करना जरूरी है कि लक्ष्य आज के हिसाब से 50,000 रुपये मासिक आय का है या रिटायरमेंट के समय 50,000 रुपये मासिक आय का।

कितना बड़ा रिटायरमेंट फंड होना चाहिए?

रिटायरमेंट के लिए जरूरी फंड व्यक्ति के मासिक खर्च, रिटायरमेंट की उम्र, जीवन प्रत्याशा, महंगाई और निवेश से मिलने वाले वास्तविक रिटर्न पर निर्भर करता है। मौजूदा मासिक खर्च का 300 गुना फंड एक शुरुआती अनुमान के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

उदाहरण के लिए, 50,000 रुपये के मौजूदा मासिक खर्च का 300 गुना 1.50 करोड़ रुपये होता है। लेकिन भविष्य की महंगाई, चिकित्सा खर्च और रिटायरमेंट के बाद कितने वर्षों तक आय चाहिए, इन सभी बातों को शामिल किए बिना इस राशि को अंतिम लक्ष्य नहीं मानना चाहिए।

निवेश की प्लानिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • जल्दी शुरुआत करें: लंबी निवेश अवधि से कंपाउंडिंग का लाभ मिल सकता है।
  • निवेश में विविधता रखें: अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी, डेट और अन्य उपयुक्त निवेश विकल्पों का संतुलन बनाएं।
  • आपातकालीन फंड बनाएं: अचानक आने वाले खर्चों के लिए अलग से रकम रखें।
  • बीमा की व्यवस्था करें: स्वास्थ्य संबंधी बड़े खर्चों से रिटायरमेंट फंड को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है।
  • नियमित समीक्षा करें: आय, खर्च, महंगाई और निवेश के प्रदर्शन के अनुसार योजना में बदलाव करते रहें।

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