गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 13 जिलों में 1,55,849 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस साल बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ का असर 33 राजस्व सर्किलों के 464 गांवों में है।
शिवसागर और गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शिवसागर और गोलाघाट शामिल हैं। शिवसागर में 48,286 और गोलाघाट में 58,750 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा जोरहाट में 25,259, चराइदेव में 12,779, नागांव में 5,424, दरांग में 3,367 और धेमाजी में 1,265 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। राज्य में करीब 10,748.64 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है।
73 राहत शिविरों में हजारों लोग शरण लेने को मजबूर
प्रभावित इलाकों में 73 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 10,326 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 6,881 लोगों को राहत वितरण केंद्रों के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
शुक्रवार सुबह गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी तथा श्रीभूमि जिले में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। हालांकि, कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर नहीं पहुंची थी। बाढ़ का असर पशुधन पर भी पड़ा है और करीब 47,879 जानवर प्रभावित हुए हैं।
घरों को भी भारी नुकसान
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवासीय संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 126 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त और 344 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
बचाव और राहत अभियान जारी
प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। एसडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा कर्मियों और अन्य एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। कुल 219 बचाव दल और 8 नौकाएं राहत कार्य में लगी हैं। प्रभावित लोगों को अनाज, पीने का पानी, शिशु आहार और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।