जालंधर : पंजाब की सियासत में इन दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। हाल ही में कुछ वरिष्ठ नेताओं के पार्टी से अलग होने के बाद संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी मनीष सिसोदिया ने 29 अप्रैल को जालंधर में एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें सभी विधायकों, ब्लॉक ऑब्जर्वर्स और विभिन्न फ्रंटल संगठनों के प्रमुखों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर विचार किया जाएगा। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक का एजेंडा साझा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व जमीनी स्थिति का आकलन करने और विधायकों के साथ संवाद को मजबूत करने पर जोर देगा।
इससे पहले भी जालंधर में हुई एक बैठक को लेकर चर्चाएं सामने आई थीं, जिसमें अनुशासन और कार्यशैली को लेकर नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया था। ताजा बैठक को उसी कड़ी का विस्तार माना जा रहा है।
इधर, हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और नेताओं के पाला बदलने की खबरों ने भी पार्टी के भीतर चर्चा को तेज कर दिया है। कुछ दावों में यह भी कहा गया कि कई विधायक संपर्क में हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, संगठनात्मक रणनीति से जुड़े अहम चेहरों के अलग होने की खबरों को भी पार्टी के लिए चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व के फैसले और बैठकों के नतीजे पंजाब की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।