श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों के मकानों को ढहा दिया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई बुधवार देर रात की गई।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को अनंतनाग के लाल चौक में अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर आतंकियों ने नजदीक से गोलीबारी की थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हमले में शामिल आतंकियों की पहचान बिजबेहारा निवासी आदिल ठोकर और हसनपोरा निवासी हारून गनई के रूप में की गई है। घटना के बाद प्रशासन ने दोनों के मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की।
मृतक आशिक हुसैन कुरैशी भारतीय रिजर्व पुलिस में तैनात थे और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ भी जुड़े हुए थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि मकानों को ढहाने का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को कमजोर करना और आतंकियों को मिलने वाले लॉजिस्टिक समर्थन ढांचे को समाप्त करना है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसे नेटवर्क की पहचान करने के लिए अभियान चला रही है, जो आतंकियों को आर्थिक, संचार, परिवहन या ठिकाने जैसी सहायता उपलब्ध कराते हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरन क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सुरक्षा अभियान तेज किए और सीमा पार आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी।