नई दिल्ली : कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन और सत्ता संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस खेमे में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के करीबी माने जाने वाले विधायकों की एक डिनर बैठक ने सियासी गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
बुधवार रात बेलगावी में आयोजित इस डिनर में 30 से ज्यादा कांग्रेस विधायक शामिल हुए। यह आयोजन वरिष्ठ मंत्री सतीश जारकीहोली की ओर से शहर के एक होटल में किया गया था। बताया जा रहा है कि इस दौरान पार्टी के कई प्रभावशाली चेहरे मौजूद रहे, जिससे बैठक को लेकर राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
हालांकि, मंत्री सतीश जारकीहोली ने किसी भी तरह की सियासी साजिश से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ समान विचारधारा वाले नेताओं की एक सामान्य मुलाकात थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी बैठकों का आयोजन पहले भी होता रहा है और इसे किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
इसके विपरीत, बैठक में शामिल विधायक के. एन. राजन्ना ने माना कि डिनर के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई। उनके अनुसार, विधायकों का इस तरह मिलना केवल औपचारिकता नहीं होती, बल्कि मौजूदा हालात पर चर्चा भी स्वाभाविक है। इस बैठक में मुख्यमंत्री के पुत्र और एमएलसी यतींद्र सिद्दरमैया सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं इसमें शामिल नहीं हो सके। सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे उनकी तबीयत खराब होना कारण बताया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब एक सप्ताह पहले ही उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के साथ भी बेलगावी के बाहरी इलाके में कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों की एक बड़ी डिनर मीटिंग हो चुकी है। इन लगातार बैठकों ने पार्टी के भीतर चल रही रणनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं और तेज कर दी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सारी गतिविधियां ऐसे वक्त सामने आ रही हैं, जब कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल का आधा सफर तय कर चुकी है। ऐसे में नेतृत्व को लेकर संभावित फेरबदल और सिद्दरमैया–शिवकुमार के बीच सत्ता साझेदारी के फार्मूले पर बहस तेज होना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व इन घटनाक्रमों को सामान्य बताकर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार कर रहा है।