महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों से अलग, जबड़े और गर्दन के दर्द को न करें नजरअंदाज

डेस्क। हार्ट अटैक को अक्सर सीने में तेज दर्द से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन महिलाओं में इसके लक्षण कई बार अलग और कम स्पष्ट होते हैं। यही वजह है कि कई मामलों में हार्ट अटैक की पहचान देर से हो पाती है या इसके संकेतों को सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों की तुलना में अलग हो सकते हैं। कई बार असामान्य थकान, सांस फूलना, जबड़े या गर्दन में दर्द, अपच और ठंडे पसीने जैसे संकेत हार्ट अटैक की चेतावनी हो सकते हैं। चिंताजनक बात यह है कि महिलाओं में हृदय रोग से होने वाली मौतों की संख्या कई प्रकार के कैंसर से होने वाली कुल मौतों से भी अधिक बताई जाती है।

असामान्य थकान हो सकती है चेतावनी

महिलाएं अक्सर घर और काम की जिम्मेदारियों के कारण थकान को सामान्य मान लेती हैं। हालांकि हार्ट अटैक से जुड़ी थकान सामान्य थकान से अलग होती है। यह कई दिनों या हफ्तों पहले शुरू हो सकती है और रोजमर्रा के आसान कामों को भी मुश्किल बना सकती है। ऐसी स्थिति में इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

बिना सीने में दर्द के भी फूल सकती है सांस

हार्ट अटैक का एक प्रमुख संकेत सांस फूलना भी हो सकता है। सीढ़ियां चढ़ते समय, सामान उठाते समय या हल्की शारीरिक गतिविधि के दौरान अचानक सांस फूलना केवल कम स्टैमिना का संकेत नहीं, बल्कि हृदय संबंधी समस्या का लक्षण भी हो सकता है।

जबड़े, गर्दन और पीठ में दर्द को न लें हल्के में

विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं में हार्ट अटैक का दर्द हमेशा छाती में महसूस नहीं होता। कई बार जबड़े, गर्दन, कंधे या पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द हो सकता है, जो अक्सर बाईं ओर महसूस होता है। यह दर्द मांसपेशियों के खिंचाव या तनाव से होने वाले दर्द जैसा लग सकता है, लेकिन लगातार बना रहने पर इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

जी मिचलाना और अपच भी हो सकते हैं संकेत

कई महिलाओं को हार्ट अटैक के दौरान जी मिचलाना, अपच, पेट के ऊपरी हिस्से में बेचैनी या सीने में जलन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। अक्सर इन्हें पेट संबंधी सामान्य परेशानी समझ लिया जाता है, जबकि कुछ मामलों में ये हृदय रोग के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

ठंडे पसीने और चक्कर आने पर रहें सतर्क

बिना किसी स्पष्ट कारण के ठंडे पसीने आना, चक्कर महसूस होना या अचानक कमजोरी लगना भी हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं। यदि ये संकेत अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

समय पर पहचान है सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षणों को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। लक्षणों की समय रहते पहचान और तुरंत चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की स्थिति में चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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