नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ये कार्रवाई “ईरान की अनुचित और निरंतर आक्रामकता के जवाब में” की गई है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ये हमले आत्मरक्षा में किए गए हैं। बताया गया कि हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद यह कार्रवाई हुई। यह हेलिकॉप्टर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गश्त पर था।
CENTCOM ने स्पष्ट किया कि ये हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर किए जा रहे हैं।
इसी बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरानी शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने कहा है कि तेल टैंकरों और वाणिज्यिक जहाजों सहित किसी भी जहाज को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं होगी और आदेश का उल्लंघन करने पर गोलीबारी की जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, और इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
दोनों देशों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मिसाइल हमलों, ड्रोन कार्रवाइयों और जवाबी हमलों के बीच यह संघर्ष अब क्षेत्रीय संकट में बदलता दिख रहा है, जिसका असर वैश्विक तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।