नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत और बढ़ा दी है। अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत ‘यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ अब इस क्षेत्र में पहुंच चुका है, जिससे यहां अमेरिकी मौजूदगी और मजबूत हो गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह पोत 23 अप्रैल को हिंद महासागर में उनके संचालन क्षेत्र में सक्रिय था। जारी तस्वीरों में इसके डेक पर बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान तैनात दिखाई दिए, जो इसकी युद्धक क्षमता को दर्शाते हैं।
इस तैनाती के साथ ही खाड़ी क्षेत्र में अब अमेरिका के तीन प्रमुख विमानवाहक पोत एक साथ सक्रिय हो गए हैं। ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पहले से अरब सागर में तैनात है, जबकि ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ रेड सी क्षेत्र में मौजूद है। अब ‘यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश’ के पहुंचने से अमेरिकी सैन्य शक्ति का संतुलन और मजबूत हो गया है।
बताया जा रहा है कि इस पोत ने लंबा समुद्री रास्ता अपनाते हुए अफ्रीका के दक्षिणी छोर ‘केप ऑफ गुड होप’ के जरिए यात्रा की, ताकि रेड सी और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों से बचा जा सके, जहां हूती विद्रोहियों की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ तनाव बना हुआ है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। एक साथ तीन विमानवाहक पोतों की मौजूदगी को अमेरिका की ओर से मजबूत रणनीतिक संकेत माना जा रहा है, जिससे हवाई हमले, समुद्री निगरानी और आपात कार्रवाई की क्षमता में काफी इजाफा होता है।
हालांकि, अमेरिकी अधिकारी इसे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश बता रहे हैं, लेकिन ईरान और उससे जुड़े समूहों के साथ जारी तनाव के चलते पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष की आशंका पूरी तरह से टली नहीं है।