25 साल का सफर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के ऐतिहासिक सत्र में झलकेगी राज्य की पहचान

रायपुर |  छत्तीसगढ़ विधानसभा के पुराने भवन में आज एक विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है, जो कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। यह सत्र इसलिए भी खास है क्योंकि आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा की कार्यवाही नए और अत्याधुनिक भवन में स्थानांतरित हो जाएगी। आज का यह सत्र राज्य की 25 वर्षीय संसदीय यात्रा को समर्पित है।

पुराने भवन को विदाई, विरासत को सलाम

विशेष सत्र का विषय “पच्चीस वर्षों की संसदीय यात्रा पर केंद्रित विषयों पर चर्चा” निर्धारित किया गया है। इस दौरान छत्तीसगढ़ के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास की पूरी यात्रा पर विस्तार से विचार किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर पुराने विधानसभा भवन की भूमिका और इसमें लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों को भी याद किया जाएगा।

25 वर्षों में चार मुख्यमंत्रियों का नेतृत्व

छत्तीसगढ़ ने 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर अपना स्वतंत्र अस्तित्व प्राप्त किया। तब से लेकर अब तक राज्य में पांच बार विधानसभा चुनाव आयोजित हुए—2003, 2008, 2013, 2018 और 2023।इस दौरान राज्य ने चार मुख्यमंत्रियों—अजीत जोगी, डॉ. रमन सिंह, भूपेश बघेल और विष्णुदेव साय—के नेतृत्व में विभिन्न विकास चरणों का अनुभव किया।
राजनीतिक इतिहास की बात करें तो बीते 25 सालों में दो बार कांग्रेस और चार बार भाजपा ने सरकार बनाई है।

नए हाईटेक विधानसभा भवन में शुरू होगी नई शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर नए विधानसभा भवन का उद्घाटन कर चुके हैं। नई इमारत को पूरी तरह हाईटेक, आधुनिक और राज्य की संस्कृति की झलक को समेटते हुए तैयार किया गया है। इसमें पेपरलेस कार्यप्रणाली, डिजिटल वोटिंग सिस्टम, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

अब विधानसभा का आगामी शीतकालीन सत्र इसी नए भवन में आयोजित होगा, जिससे विधायी कार्यों में गति, पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ की विधान यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित यह विशेष सत्र न केवल इतिहास को संजोने का अवसर है, बल्कि नए दौर की शुरुआत का प्रतीक भी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *