जस्टिस गवई पर जूता उछालने वाले वकील को मिली राहत, कोर्ट ने कार्रवाई से किया इनकार

नई दिल्ली। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी. आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि चूंकि मुख्य न्यायाधीश स्वयं इस मामले में कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाना चाहते, इसलिए कोर्ट इस दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा।

पीठ ने स्पष्ट किया कि अदालत के भीतर नारे लगाना या जूते फेंकना जैसी घटनाएं निश्चित रूप से न्यायालय की गरिमा का उल्लंघन हैं, लेकिन कार्रवाई करना या न करना संबंधित न्यायाधीश के विवेक पर निर्भर करता है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर आरोपी वकील को नोटिस जारी किया गया, तो इससे उसे अनावश्यक प्रसिद्धि और महत्व मिल सकता है, इसलिए इस प्रकरण को यहीं समाप्त समझा जाए।

यह घटना अक्टूबर माह की सुनवाई के दौरान हुई थी, जब वकील राकेश किशोर ने कोर्ट कक्ष में मुख्य न्यायाधीश की ओर जूता फेंकने की कोशिश की थी। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने तत्काल प्रभाव से उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी और उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।

हालांकि अब सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और इसे एक “समाप्त प्रकरण” माना जाएगा।

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