एवियन (फ्रांस)। G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति, वीजा नीति और रक्षा सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी महत्वपूर्ण बातचीत होने की उम्मीद है।
सूत्रों के अनुसार भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है और आने वाले कुछ सप्ताह में इस पर सहमति बन सकती है। बैठक में इस समझौते से जुड़े शेष तकनीकी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में अमेरिकी एच-1बी वीजा नीति और इमीग्रेशन नियम भी प्रमुख विषय रहेंगे। अमेरिका द्वारा जारी किए जाने वाले एच-1बी वीजा में भारतीय पेशेवरों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से अधिक है, ऐसे में वीजा नियमों में बदलाव का सीधा असर भारतीयों पर पड़ता है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति भी दोनों नेताओं की बातचीत का अहम हिस्सा होगी। ओमान तट के पास तेल टैंकरों पर हुए अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है। भारत इस घटना को लेकर पहले ही अपनी चिंता अमेरिका के समक्ष जता चुका है।
ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों देश तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार को बढ़ाने तथा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिर आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के उपायों पर विचार कर सकते हैं। भारत और अमेरिका ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने के पक्षधर हैं।
रक्षा और रणनीतिक सहयोग के तहत अमेरिका से उन्नत सैन्य उपकरणों की संभावित खरीद, संयुक्त सैन्य अभ्यास और आतंकवाद विरोधी सहयोग को लेकर भी चर्चा होगी। साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श होने की संभावना है।
इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), निवेश, प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग समेत द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा भी बैठक में की जाएगी। भारत और अमेरिका के बीच यह वार्ता वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।