टोरंटो: मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में कनाडा प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जांच तेज कर दी है। घटना के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीन सदस्यों का नाम सामने आया है, जिन्हें जल्द ही भारत डिपोर्ट (Deport) किया जा सकता है। कनाडा सरकार ने साफ किया है कि देश में गैंगवार, जबरन वसूली और हिंसा जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी ब्रैम्पटन स्थित “Kaps Café” के बाहर की गई थी, जो कपिल शर्मा से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि फायरिंग की साजिश फिरौती न मिलने के बाद रची गई थी। गैंग से जुड़े अपराधियों ने पहले कैफे प्रबंधन से मोटी रकम की मांग की थी और धमकी पूरी न होने पर अंधाधुंध फायरिंग की गई।
कनाडाई पुलिस ने अब तक तीन संदिग्धों की पहचान की है — जिनमें से दो भारतीय मूल के हैं। जांच एजेंसियों ने उनके वीज़ा दस्तावेज़ खंगालने शुरू कर दिए हैं और जल्द ही उन्हें भारत प्रत्यर्पित (extradite) किए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विदेशी गैंग या माफिया तत्वों को देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा —
“कनाडा की भूमि पर किसी भी प्रकार की जबरन वसूली, धमकी या हिंसा में शामिल व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी देश का नागरिक क्यों न हो।”
फिलहाल, कपिल शर्मा या उनकी टीम की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, कपिल पूरी तरह सुरक्षित हैं और जांच में स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं।