वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने एक सटीक एयर स्ट्राइक में वेनेजुएला के कुख्यात आपराधिक संगठन ‘ट्रेन डी अरागुआ’ के शीर्ष नेता हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुएरेरो फ्लोरेस उर्फ ‘नीनो गुएरेरो’ को मार गिराया है। ट्रंप ने इस कार्रवाई को अमेरिका की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता बताया है।
ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड ने गैंग सरगना के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। उन्होंने दावा किया कि यह संगठन दुनिया के सबसे खतरनाक आपराधिक और आतंकी नेटवर्क में से एक माना जाता है।
ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर साधा निशाना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि खुली सीमा नीति के कारण लाखों अवैध अपराधियों को अमेरिका में प्रवेश का मौका मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे ट्रेन डी अरागुआ जैसे गिरोहों को अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ गंभीर अपराध करने का अवसर मिला।
ट्रंप ने कहा कि चुनाव अभियान के दौरान उन्होंने ऐसे अपराधियों को देश से बाहर निकालने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का वादा किया था, जिसे उनकी सरकार पूरा कर रही है।
वेनेजुएला के सहयोग से हुई कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, यह अभियान वेनेजुएला के सहयोग से संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समन्वय के चलते गैंग के आतंकियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनकी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में छिपे अपराधियों और ड्रग तस्करों को खोज निकालने में सक्षम है।
पेंटागन ने भी की पुष्टि
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) के प्रमुख पीट हेगसेथ ने भी गुएरेरो की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, इस दावे पर वेनेजुएला सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मानव तस्करी और संगठित अपराधों में सक्रिय था गैंग
लैटिन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ट्रेन डी अरागुआ दक्षिण अमेरिका के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में गिना जाता है। यह गिरोह मानव तस्करी, जबरन वसूली, अपहरण, मनी लॉन्ड्रिंग, सुपारी हत्या और संगठित चोरी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है।
बताया जाता है कि गैंग का सरगना नीनो गुएरेरो वेनेजुएला की कुख्यात टोकोरोन जेल से फरार हो गया था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है, जबकि सुरक्षा विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।