तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर चल रही संभावित समझौता प्रक्रिया एक बार फिर अटकती नजर आ रही है। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत के बावजूद अमेरिका अभी भी कई अहम शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर रहा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इनमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना एक प्रमुख मुद्दा है, जिस पर अमेरिका ने रुख नरम नहीं किया है। इसी कारण प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) के रद्द होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने ‘रेड लाइन’ मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा और अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा।
इस बीच, शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाघेई ने कहा कि दोनों देश 14 बिंदुओं वाले एक एमओयू को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता इस संघर्ष को समाप्त करना है।
बाघेई के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में अमेरिका की नौसैनिक कार्रवाई को रोकने और ईरानी संपत्तियों की रिहाई जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत सफल रहती है तो 30 से 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता संभव है।
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल को संघर्ष विराम हुआ था, जिसके बाद 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में शांति वार्ता का एक दौर भी आयोजित किया गया था, लेकिन उसमें कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका।