नई दिल्ली : कैरो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिस्र में आयोजित गाजा शांति शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने घनिष्ठ रिश्ते को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। ट्रंप ने कहा कि भारत एक महान देश है और उसके नेतृत्व के शीर्ष पर उनका एक “बेहद अच्छा मित्र” है। इस दौरान उनके पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खड़े थे, जिससे राजनीतिक हलके तनाव की झलक भी देखने को मिली।
ट्रंप ने भारत के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मित्र ने देश में शानदार काम किया है। शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा, “भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हो सकते हैं और उन्हें बनाए रखना चाहिए।”
टैरिफ और शांति का दावा
ट्रंप ने शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले अपने एयर फोर्स वन इंटरव्यू में यह दावा किया कि उन्होंने टैरिफ के माध्यम से कई अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांत किया, जिनमें भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव भी शामिल था। उन्होंने कहा कि अगर दोनों देश युद्ध करने की कोशिश करते और परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करते, तो उन्होंने 100%, 150% और 200% तक टैरिफ लगाने की धमकी दी।
ट्रंप के अनुसार, उनकी यह कार्रवाई प्रभावी साबित हुई और 24 घंटों के भीतर तनाव नियंत्रण में आ गया। उन्होंने फॉक्स न्यूज को 9 अक्टूबर को दिए साक्षात्कार में भी यह दावा दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच “सात विमान गिराए गए और युद्ध की स्थिति थी, लेकिन मेरी टैरिफ नीति के बाद तुरंत शांति समझौता हो गया।”
इस बयान ने वैश्विक मंच पर अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका को फिर से उजागर किया और यह भी दिखाया कि ट्रंप अपने मजबूत व्यक्तित्व और नीतियों के जरिए विवादों को हल करने के दावे में लगातार विश्वास रखते हैं।