वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हाल के दिनों में हुए विरोध-प्रदर्शनों और हिंसा को लेकर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है। ट्रंप ने फ्रांस में अशांति के लिए आप्रवासन को जिम्मेदार ठहराते हुए यूरोपीय देशों से अपनी सीमाओं को सख्त करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यूरोप ने सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
ट्रंप ने कहा कि फ्रांस में जो कुछ हो रहा है, उसका संबंध आप्रवासन से है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मैक्रों से बातचीत के दौरान भी सीमाओं को बंद करने की सलाह दी थी। ट्रंप ने कहा, “आप दुनिया भर के लोगों को अपने देश में आने दे रहे हैं। बहुत जल्द पेरिस एक मुस्लिम शहर बन जाएगा।”
यूरोप को दी सीमाएं सुरक्षित करने की सलाह
ट्रंप ने यूरोपीय देशों से अवैध आप्रवासन पर सख्ती बरतने और अपराधियों को देश से बाहर निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि यूरोप ने समय रहते कदम नहीं उठाए, तो उसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उनके इस बयान ने फ्रांस में आप्रवासन और सुरक्षा को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
फ्रांस में हिंसा के बाद सख्ती की तैयारी
फ्रांस में महंगाई, बढ़ते खर्च और स्कूलों की स्थिति को लेकर शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का फैसला किया है। खबर के अनुसार, पेरिस, लिली और नीस सहित कई शहरों के संवेदनशील इलाकों में रात के कर्फ्यू जैसे कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु ने पूर्ण कर्फ्यू लगाने से इनकार किया, लेकिन हालात नियंत्रण में नहीं आने पर आपातकाल लागू करने की संभावना के संकेत दिए। उन्होंने हिंसा और लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। दोषियों की पहचान करने के लिए 200 से अधिक जांचकर्ताओं को लगाया गया है।
फ्रांस में जारी तनाव के बीच ट्रंप के बयान से आप्रवासन, सीमा सुरक्षा और यूरोप की आंतरिक चुनौतियों को लेकर बहस तेज हो गई है।