दुर्ग | सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के. विनोद कुजूर के न्यायालय द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 55/2026, राज्य विरुद्ध मोहित कुमार बघेल एवं अन्य में पारित निर्णय के माध्यम से तेज एवं खतरनाक वाहन चालन से हुई युवक की मृत्यु के मामले में दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए दंडित किया गया है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 04 अगस्त 2025 को रात्रि लगभग 08:30 बजे इंदु आई.टी. स्कूल, कोहका के पास अभियुक्त मोहित कुमार बघेल द्वारा मोटरसाइकिल क्रमांक CG-07-CW-2768 को तेज गति एवं खतरनाक तरीके से चलाते हुए विपरीत दिशा में ले जाकर सामने से आ रही एक्टिवा क्रमांक CG-19-A-2771 को टक्कर मार दी गई थी। उक्त दुर्घटना में एक्टिवा चालक शादान अली को गंभीर चोटें आईं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मृत्यु हो गई। एक्टिवा में पीछे बैठे उत्तम कुमार पाण्डेय भी घायल हुए थे।
प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मौखिक, चिकित्सकीय एवं तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण करते हुए न्यायालय ने अभियुक्त मोहित कुमार बघेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 एवं 110 तथा मोटर यान अधिनियम की धारा 184 एवं 3/181 के अंतर्गत आरोप प्रमाणित पाए। वहीं, अभियुक्त मोहन लाल बघेल के विरुद्ध अपने आधिपत्य की मोटरसाइकिल बिना वैध चालन अनुज्ञप्ति वाले व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर चलाने हेतु देने के संबंध में मोटर यान अधिनियम की धारा 5/180 के अंतर्गत आरोप प्रमाणित पाए गए।
न्यायालय द्वारा पारित दंडादेश
न्यायालय द्वारा अभियुक्त मोहित कुमार बघेल को—
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 105 के अंतर्गत 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।
- भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 110 के अंतर्गत 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड।
- मोटर यान अधिनियम की धारा 184 के अंतर्गत 10 माह का साधारण कारावास एवं ₹3,000 अर्थदंड।
- मोटर यान अधिनियम की धारा 3/181 के अंतर्गत 03 माह का साधारण कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड।
से दंडित किया गया है।
अभियुक्त मोहन लाल बघेल को मोटर यान अधिनियम की धारा 5/180 के अंतर्गत 03 माह का साधारण कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड से दंडित किया गया है।
न्यायालय द्वारा अभियुक्त मोहित कुमार बघेल को विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दी गई कारावास की सजाएं एक साथ भुगताए जाने का आदेश दिया गया है।
यह निर्णय सार्वजनिक मार्गों पर यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित वाहन चालन तथा बिना वैध चालन अनुज्ञप्ति के वाहन संचालन की अनुमति देने के विधिक दायित्व के महत्व को रेखांकित करता है।