दुर्ग। जिले में स्काउट-गाइड के कैडेट्स समाज सुधार की दिशा में एक नई और प्रेरणादायक पहल कर रहे हैं। समाज में आज भी वर्जित माने जाने वाले विषयों पर खुलकर बात करने के लिए कैडेट्स ने ‘तरुण्य वार्ता’ की शुरुआत की है। इसके माध्यम से किशोर-किशोरियों और आम जनता को जागरूक किया जा रहा है। विशेष रूप से माहवारी (पीरियड्स) को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों, अंधविश्वास और कुरीतियों को दूर करने के लिए ये कैडेट्स नुक्कड़ नाटकों का सहारा ले रहे हैं।
महावारी बीमारी नहीं, एक प्राकृतिक प्रक्रिया
स्काउट-गाइड के जांबाज कैडेटों ने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में नुक्कड़ नाटकों का जीवंत प्रदर्शन किया। नाटकों के जरिए उन्होंने समाज को यह कड़ा संदेश दिया कि माहवारी कोई बीमारी या अछूत विषय नहीं है, बल्कि यह एक सामान्य और प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। ‘तरुण्य वार्ता’ के सत्रों के दौरान स्वच्छता, किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक समानता जैसे गंभीर विषयों पर भी खुलकर चर्चा की जा रही है।
कलेक्टर ने थपथपाई पीठ
इस सामाजिक मुहिम की सफलता और अब तक किए गए कार्यों का ब्योरा देने के लिए कैडेट्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज जिला कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने कैडेटों के इस साहसिक और संवेदनशील प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने इसे समाज के लिए एक बेहतरीन प्रेरणा बताते हुए कहा कि ऐसी रूढ़िवादिता को खत्म करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है। कलेक्टर ने टीम को आगे भी इस तरह के जागरूकता अभियान निरंतर जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।