वाशिंगटन : अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर वेनेजुएला का एक बड़ा तेल टैंकर जब्त कर लिया गया, जिससे दोनों देशों के बीच मौजूदा परिस्थितियां और जटिल हो गई हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, टैंकर को वेनेजुएला तट के पास यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड विमानवाहक पोत से हेलीकॉप्टर के जरिए कब्जे में लिया गया। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह टैंकर ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था जो प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए आतंकवादी संगठनों को तेल की आपूर्ति कर रहा था। यह जहाज पहले एम/टी एडिसा के नाम से जाना जाता था और 2022 से प्रतिबंधित था।
इस कार्रवाई के जवाब में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वे “दांत तोड़ने” तक की कार्रवाई कर सकते हैं। मादुरो ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह हमेशा से वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करना चाहता है। उनका कहना है कि टैंकर में लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल था, जिसमें से बड़ी मात्रा क्यूबा के लिए भेजी जानी थी।
वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े सिद्ध तेल भंडार वाले देशों में शामिल है और उसकी अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल निर्यात पर निर्भर है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला को रूस और ईरान जैसे सहयोगियों की मदद लेनी पड़ रही है, जो जटिल और गुप्त नेटवर्क के जरिए तेल की तस्करी में मदद करते हैं।
ट्रंप ने संकेत दिया है कि आगे और सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं, हालांकि उन्होंने इसके विवरण साझा नहीं किए। दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी ने इस बढ़ती सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।