दिग्गज अभिनेता की पत्नी का 89 साल की उम्र में निधन, संजय दत्त के परिवार में भी छाया शोक

मुंबई :  नए साल की शुरुआत के साथ ही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार की धर्मपत्नी और अभिनेता कुमार गौरव की मां शुक्ला कुमार का निधन हो गया है। 89 वर्ष की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से फिल्म जगत में शोक का माहौल है।

शुक्ला कुमार के निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। भले ही वह पर्दे से दूर रहीं, लेकिन उनका नाम हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर से हमेशा जुड़ा रहा।

दत्त परिवार में भी शोक

शुक्ला कुमार का दत्त परिवार से भी पारिवारिक संबंध था। वह अभिनेता संजय दत्त की बहन नम्रता दत्त की सास थीं। ऐसे में इस दुखद घटना का असर संजय दत्त और उनके पूरे परिवार पर भी पड़ा है।

चकाचौंध से दूर, गरिमा से भरपूर जीवन

राजेंद्र कुमार जैसी सुपरस्टार शख्सियत की पत्नी होने के बावजूद शुक्ला कुमार ने हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी। उन्होंने कभी लाइमलाइट को प्राथमिकता नहीं दी और एक सादगीपूर्ण जीवन जीया। हालांकि, वह हिंदी सिनेमा के उतार-चढ़ाव और उसके बदलते स्वरूप की साक्षी रहीं।

फिल्म इंडस्ट्री में राजेंद्र कुमार और शुक्ला कुमार को एक आदर्श और सम्मानित दंपती के रूप में देखा जाता था।

10 जनवरी को होगी श्रद्धांजलि सभा

परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्ला कुमार के निधन के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं किया गया है। उनकी याद में 10 जनवरी को मुंबई में प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें परिवार, करीबी मित्र और फिल्म जगत के लोग शामिल होंगे।

27 साल बाद फिर टूटा परिवार

राजेंद्र कुमार और शुक्ला कुमार के तीन बच्चे हैं—पुत्र कुमार गौरव और दो बेटियां डिंपल तथा मनोरमा। कुमार गौरव ने अपने पिता की तरह अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, लेकिन उन्हें वैसी लोकप्रियता नहीं मिल सकी।
राजेंद्र कुमार का निधन वर्ष 1999 में हुआ था और अब लगभग 27 वर्षों बाद उनकी जीवन संगिनी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

फिर ताजा हुई ‘जुबली कुमार’ की यादें

शुक्ला कुमार के निधन के साथ ही एक बार फिर हिंदी सिनेमा के उस दौर की यादें ताजा हो गईं, जब राजेंद्र कुमार लगातार हिट फिल्मों के कारण ‘जुबली कुमार’ कहलाए। ‘मदर इंडिया’, ‘मेरे महबूब’, ‘संगम’, ‘आरजू’ और ‘गूंज उठी शहनाई’ जैसी फिल्मों से उन्होंने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी थी।

शुक्ला कुमार का जाना न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि हिंदी सिनेमा के एक सुनहरे अध्याय के समापन जैसा माना जा रहा है।

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