कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। चुनाव आयोग ने राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग कराने का निर्देश जारी किया है। यह फैसला उन बूथों से मिली शिकायतों के आधार पर लिया गया है, जहां मतदान प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताओं की बात सामने आई थी।
आयोग के निर्देश के मुताबिक, 2 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मगराहट पश्चिम क्षेत्र के 11 और डायमंड हार्बर क्षेत्र के 4 बूथों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। इन इलाकों में पहले 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन विवादों के चलते अब मतदाताओं को फिर से वोट देने का मौका मिलेगा।
इस पूरे मामले की शुरुआत विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी की शिकायतों से हुई, जिसमें डायमंड हार्बर इलाके में बड़े स्तर पर धांधली के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर यह कड़ा कदम उठाया गया।
वहीं, राज्य की राजनीति में एक और मुद्दा ईवीएम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर गरमाया हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ जगहों पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और हर केंद्र पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
इसके बावजूद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सतर्क नजर आ रहे हैं। पार्टी नेताओं के निर्देश पर कई मतगणना केंद्रों के बाहर कार्यकर्ता डटे हुए हैं और खुद निगरानी कर रहे हैं। हाल के दिनों में कुछ जगहों पर इस मुद्दे को लेकर तनाव और विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं।
कुल मिलाकर, पुनर्मतदान के फैसले ने राज्य की चुनावी हलचल को और तेज कर दिया है, और अब सभी की नजरें आगामी मतदान और उसके परिणामों पर टिकी हुई हैं।