नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश समेत करीब 15 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, ओडिशा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट, स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। 26 सितंबर को प्रभावित जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
उत्तराखंड में दो दिन भारी बारिश का रेड अलर्ट
उत्तराखंड में अगले दो दिनों के दौरान भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी वर्षा का रेड अलर्ट बताया गया है। वहीं नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
निम्न दबाव क्षेत्र के कारण बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणाली के पीछे निम्न दबाव वाले क्षेत्र का बनना और उसका तेजी से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ना प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा नहीं करने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। भारी बारिश की स्थिति में जलभराव वाले रास्तों पर जाने से भी बचने को कहा गया है।