मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में रहे और दोपहर तक गिरावट और गहरा गई। सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 23,100 के स्तर से भी नीचे पहुंच गया। बाजार में आई इस तेज गिरावट से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में करीब ₹4.33 लाख करोड़ की कमी आई।
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, फाइनेंशियल और इंश्योरेंस शेयरों में देखने को मिला। Bajaj Finance, Axis Bank और Bajaj Finserv समेत कई प्रमुख शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। इंश्योरेंस कंपनियों और उनसे जुड़े शेयरों पर भी दबाव रहा।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजहों में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की बढ़ती यील्ड शामिल रही। अमेरिकी 10 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.1 फीसदी के ऊपर पहुंच गई और 2007 के बाद के ऊंचे स्तरों के करीब रही। बढ़ती बॉन्ड यील्ड से वैश्विक स्तर पर शेयर जैसे जोखिम वाले एसेट्स पर दबाव बढ़ता है।
100 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारतीय बाजार की चिंता और बढ़ा दी। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता दिखा। भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा क्रूड आयात बिल और महंगाई से जुड़ी चिंताओं को बढ़ा सकता है।
IRDAI के प्रस्तावित बदलावों का असर
इंश्योरेंस सेक्टर में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) ने इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से बैंकों, ब्रोकर्स और एजेंट्स को दिए जाने वाले कमीशन पर सीमाएं लगाने सहित कई बदलाव शामिल हैं। बाजार में आशंका है कि इससे इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से कमाई करने वाली कंपनियों पर असर पड़ सकता है। ये फिलहाल प्रस्तावित बदलाव हैं, अंतिम नियम नहीं।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच वैश्विक बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। इससे भारतीय बाजार में निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। बढ़ती यील्ड और महंगे तेल के साथ डॉलर से जुड़ी चिंताओं ने भी उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ाया।
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली
गुरुवार को बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में तेज बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों की गिरावट को और बढ़ाया। Bajaj Finance, Axis Bank, Bajaj Finserv और अन्य वित्तीय शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े शेयर भी IRDAI के प्रस्तावित बदलावों के चलते दबाव में रहे।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
बाजार की मौजूदा गिरावट किसी एक वजह से नहीं, बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारकों के एक साथ असर का नतीजा दिखाई दे रही है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी, 100 डॉलर के पार कच्चा तेल, वैश्विक बाजारों में कमजोरी और इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े प्रस्तावित बदलाव निवेशकों की चिंता के प्रमुख कारण रहे।
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और IRDAI के प्रस्तावित नियमों पर रहेगी।