दुर्ग | 15 मई नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का आयोजन महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यशाला में आयुक्त सुमित अग्रवाल, सभापति श्याम शर्मा सहित एम.आई.सी. सदस्य देव नारायण चन्द्राकर, नीलेश अग्रवाल, नरेंद्र बंजारे, मनीष साहू, हर्षिका संभव जैन, शशि साहू तथा समस्त पार्षदगण और निगम स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता उपस्थित रहे।

नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर फोकस
सचिव महोदया के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रमुख प्रावधानों, उनके प्रभावी अमल, जनजागरूकता अभियान, स्रोत पर कचरा पृथक्करण, डोर-टू-डोर कलेक्शन और समग्र स्वच्छता व्यवस्था पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पार्षदों ने रखीं वार्ड स्तरीय समस्याएं
समीक्षा बैठक के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में साफ-सफाई, कचरा संग्रहण, नालियों की नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कलेक्शन से जुड़ी समस्याओं और सुधारात्मक सुझावों को साझा किया। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र निराकरण और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।
नागरिक सहभागिता पर जोर
कार्यशाला में यह स्पष्ट किया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में नागरिकों की सहभागिता अनिवार्य है। नियम 2026 के तहत घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहित करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर सहमति बनी।
जनप्रतिनिधियों के संदेश
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई, कचरा संग्रहण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने वार्डों में नागरिकों को जागरूक करने और स्वच्छता अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की।
आयुक्त सुमित अग्रवाल ने बताया कि नियम 2026 के अंतर्गत वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, स्रोत पर पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। निगम प्रशासन नियमों के पालन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है और नागरिकों के सहयोग से शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जाएगी।
सभापति श्याम शर्मा ने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि जनआंदोलन है। पार्षदों की सक्रिय भूमिका और जनसहभागिता से स्वच्छता अभियानों के सकारात्मक परिणाम निश्चित रूप से सामने आएंगे।
कार्यशाला के अंत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न पहलुओं पर प्राप्त सुझावों को अमल में लाने और स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।