हेल्थ डेस्क। भारतीय रसोई में लहसुन का इस्तेमाल दाल, सब्जी और कई तरह के पकवानों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। स्वाद और खुशबू के अलावा इसमें मौजूद प्राकृतिक यौगिकों के कारण भी इसे खास माना जाता है। लहसुन में एलिसिन नाम का सक्रिय यौगिक बनता है, जिस पर ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर अध्ययन किए गए हैं।
हालांकि, लहसुन खाने का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता। इसे किसी बीमारी की दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए। आइए जानते हैं रोजाना लहसुन खाने के संभावित फायदे और इसके सेवन का सही तरीका।
लहसुन खाने के संभावित फायदे
1. ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद
कुछ अध्ययनों में लहसुन से बने सप्लीमेंट्स के सेवन से हाई ब्लड प्रेशर में मामूली कमी देखी गई है। हालांकि, यह साबित नहीं है कि रोजाना एक कली कच्चा लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर निश्चित रूप से नियंत्रित हो जाएगा। हाई बीपी के मरीज डॉक्टर की सलाह से दवाएं लेते रहें और नियमित जांच कराएं।
2. कोलेस्ट्रॉल पर पड़ सकता है सकारात्मक असर
कुछ शोधों के मुताबिक, लहसुन के सप्लीमेंट्स कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को थोड़ी मात्रा में कम करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन केवल एक कली लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल में निश्चित प्रतिशत तक कमी आने का दावा करना सही नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा लेना जरूरी है।
3. रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए उपयोगी
लहसुन में सल्फर युक्त यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। इनका शरीर की विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं में योगदान होता है। हालांकि, इस बात के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं कि रोजाना एक कली लहसुन खाने से सर्दी-जुकाम या अन्य संक्रमणों से निश्चित रूप से बचाव होता है।
4. दिल की सेहत के लिए हो सकता है सहायक
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। लहसुन पर हुए कुछ अध्ययनों में इन जोखिम कारकों पर संभावित लाभ देखे गए हैं। फिर भी, दिल की बीमारियों से बचाव के लिए केवल लहसुन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। पौष्टिक भोजन, नियमित व्यायाम और धूम्रपान से दूरी भी जरूरी है।
लहसुन खाने का सही तरीका क्या है?
लहसुन को छीलकर हल्का कुचलने या काटने से उसमें एलिसिन बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। इसे कुछ मिनट, लगभग 10 मिनट तक छोड़ने की सलाह दी जाती है।
लहसुन का सेवन करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- कुचलकर कुछ देर रखें: लहसुन की कली को छीलकर कुचलें और कुछ मिनट बाद इस्तेमाल करें।
- कच्चा खाना जरूरी नहीं: कच्चा लहसुन खाने से पेट में जलन होती है, तो इसे भोजन में पकाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
- खाली पेट खाना अनिवार्य नहीं: ऐसा पुख्ता प्रमाण नहीं है कि खाली पेट लहसुन खाने से ही अधिक फायदा मिलता है। इसे भोजन के साथ भी खाया जा सकता है।
- कम मात्रा से शुरुआत करें: हर व्यक्ति की पाचन क्षमता अलग होती है। शरीर की सहनशीलता के अनुसार ही सेवन करें।
ध्यान रखें कि रोजाना एक कली लहसुन खाना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। इसके सेवन की उपयुक्त मात्रा व्यक्ति की सेहत और सहनशीलता पर निर्भर कर सकती है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
कच्चा लहसुन कुछ लोगों में गैस, पेट दर्द, सीने में जलन या मतली जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। खून पतला करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों को लहसुन के सप्लीमेंट्स इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि इनसे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है।
यदि आपकी सर्जरी होने वाली है, तो डॉक्टर को लहसुन के सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल की जानकारी दें। हाई ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की दवा ले रहे हैं, तो लहसुन खाने के कारण अपनी दवा बंद न करें। सामान्य भोजन में इस्तेमाल होने वाले लहसुन और अधिक मात्रा वाले सप्लीमेंट्स के प्रभाव अलग हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है, चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं। किसी बीमारी की स्थिति में खानपान या दवा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें।