दुर्ग। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) दुर्ग द्वारा छत्रपति शिवाजी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CSIT), दुर्ग में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों, कर्तव्यों तथा कानून के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
शिविर में व्यवहार न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) श्वेता पटेल, रवि कश्यप तथा व्यवहार न्यायाधीश (कनिष्ठ श्रेणी) श्रीमती महिमा शर्मा ने विद्यार्थियों को विभिन्न विधिक विषयों की जानकारी दी। उन्होंने रैगिंग की रोकथाम, उसके कानूनी परिणाम और दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए सुरक्षित एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश का प्रेरणादायी संदेश भी विद्यार्थियों को सुनाया गया, जिसमें शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करने तथा लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर उज्ज्वल भविष्य बनाने की प्रेरणा दी गई।
शिविर में मध्यस्थता (मेडिएशन) के माध्यम से विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान, महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार, उनकी सुरक्षा से जुड़े कानून तथा यातायात नियमों के पालन के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) दुर्ग के डिफेंस काउंसिलों ने विद्यार्थियों को यातायात ई-चालान से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं अधिकारों से अवगत कराया। वहीं नशामुक्ति विषय पर विभिन्न प्रकार के नशों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की गई।
कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलेंटियर्स ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता, विधिक परामर्श एवं अन्य योजनाओं की जानकारी भी साझा की।
शिविर के अंत में विद्यार्थियों की विधिक जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बताते हुए ऐसे जागरूकता शिविरों का नियमित आयोजन करने की आवश्यकता पर बल दिया।