दुर्ग। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही दुर्ग जिले के देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। चारों ओर का माहौल भक्तिमय नजर आ रहा है। इस पावन मौके पर दुर्ग के शिवपारा स्थित प्राचीन मां चंडी मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिसका अपना एक अनूठा ऐतिहासिक महत्व है।
बताया जाता है कि यह मंदिर दुर्ग जिले के गठन से भी सैकड़ों वर्ष पुराना है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जिस दौर में दुर्ग क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ था, उस समय से यहां मां चंडी विराजमान हैं और लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई हैं। मंदिर परिसर में एक रहस्यमयी कुंड भी स्थित है, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसमें पूरे साल पानी भरा रहता है और वह कभी नहीं सूखता।


मां चंडी मंदिर की महिमा इतनी है कि यहाँ हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान करीब 2500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाते हैं। इस वर्ष भी आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर में ज्योत स्थापित करवाई है, जिनकी देखरेख और पूजन पूरी श्रद्धा के साथ किया जा रहा है।