दुर्ग/आस्था, श्रद्धा और अटूट विश्वास की नगरी दुर्ग आज एक ऐसे ऐतिहासिक और अलौकिक क्षण की गवाह बनी, जिसे देखकर हर भक्त का हृदय भक्ति-रस में सराबोर हो उठा।शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर रविवार, 11 अक्टूबर को दुर्ग के गंजपारा स्थित शनिचरी रोड पर ‘वृत्ति एवं भक्ति का दिव्य संगम’ पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। वर्षों पुरानी परंपरा को पूरी निष्ठा से निभाते हुए इस वर्ष भी दो महामाताओं का अलौकिक मिलन देखने को मिला।
दुर्गा धाम (पुरानी गंजमंडी, गंजपारा) एवं सत्तीचौरा धाम (सत्तीचौरा) की पावन और मनमोहक प्रतिमाएं जब लेकव्यू मोड़ के सामने एक मंच पर आमने-सामने आईं, तो पूरा इलाका आकाशभेदी जयकारों से गूंज उठा। इस स्वर्णिम दृश्य को अपनी आंखों में बसाने और माता रानी का आशीष पाने के लिए शनिचरी रोड पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।


समस्त गंजपारा वासियों और आयोजकों की ओर से की गई भव्य व्यवस्था के बीच, श्रद्धालुओं ने दोनों माताओं की संयुक्त महाआरती उतारी और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अद्भुत और भव्य नजारे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि दुर्ग की नवरात्र संस्कृति पूरे प्रदेश में अद्वितीय और ऐतिहासिक है।”