नई दिल्ली : आजकल बहुत से लोग अनिद्रा (इंसोमनिया) की समस्या से परेशान हैं। रात को बिस्तर पर जाने के बाद नींद नहीं आती, बार-बार करवट बदलनी पड़ती है या थोड़ी देर सोने के बाद नींद खुल जाती है। इसका असर अगले दिन थकान, सिर भारीपन और ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है।
अनिद्रा के मुख्य कारणों में तनाव, गलत खान-पान, अधिक चाय-कॉफी, और शारीरिक गतिविधियों की कमी शामिल हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और सरल उपाय है, जो शरीर और मन को शांत करके नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।
1. हस्त उत्तानासन (Hand Stretch Pose)
- सीधे खड़े हों और पैरों के बीच हल्का अंतर रखें।
- सांस भरते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं और शरीर को हल्का पीछे झुकाएं।
- कुछ सेकंड रुकें और सामान्य सांस लें।
- धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटें।
2. पादहस्तासन (Forward Bend Pose)
- सीधे खड़े होकर हाथ ऊपर उठाएं।
- सांस छोड़ते हुए कमर से झुकते हुए आगे की ओर झुकें।
- हाथों से जमीन को छूने की कोशिश करें।
- कुछ देर इस स्थिति में रहें और धीरे-धीरे वापस खड़े हो जाएं।
3. भद्रासन (Butterfly Pose)
- जमीन पर बैठ जाएं और दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
- हाथों से पैरों की उंगलियों को पकड़ें और कमर सीधी रखें।
- आराम से बैठें और गहरी सांस लेते-छोड़ते रहें।
4. मुद्रासन (Seated Forward Fold)
- पद्मासन या अर्ध पद्मासन में बैठें।
- कमर सीधी रखें और हाथों से कलाई पकड़ें।
- धीरे-धीरे आगे झुकें और कुछ समय इस स्थिति में रहें।
5. भुजंगासन (Cobra Pose)
- पेट के बल लेटें, हथेलियों को छाती के पास रखें।
- सांस लेते हुए गर्दन और छाती ऊपर उठाएं।
- कुछ सेकंड रुकें और धीरे-धीरे वापस लेट जाएं।
- यह रीढ़ की हड्डी मजबूत करता है और तनाव कम करता है।
6. नाड़ी शोधन प्राणायाम (Alternate Nostril Breathing)
- आराम से बैठें, कमर सीधी रखें।
- दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका बंद करें और बाईं नासिका से धीरे-धीरे सांस लें।
- फिर बाईं नासिका बंद करें और दाईं से सांस छोड़ें।
- कुछ मिनट तक इस क्रिया को दोहराएं।
7. ध्यान (Meditation)
- ध्यान मुद्रा में बैठें, हाथों को एक-दूसरे पर रखें।
- गर्दन और कंधे सीधे रखें।
- लंबी और गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
- श्वास पर ध्यान केंद्रित करें और मन को शांत करें।