देशभर में बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, कथित आर्थिक प्रताड़ना एवं आम नागरिकों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में 14 मई 2026 (बुधवार) को दोपहर 12 बजे से जन अधिकार आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज शासन–प्रशासन तक पहुंचाना है।
आंदोलन के प्रमुख मुद्दे
आयोजकों के अनुसार वर्तमान समय में बड़ी संख्या में नागरिक—
- जटिल बैंकिंग प्रक्रियाओं
- रिकवरी सिस्टम से उत्पन्न मानसिक दबाव
- नोटिस के माध्यम से कथित प्रताड़ना
आर्थिक उत्पीड़न
जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन मामलों में आम नागरिकों के लिए प्रभावी सुनवाई एवं न्याय का मंच उपलब्ध नहीं हो पाता। इसी पृष्ठभूमि में आंदोलन के माध्यम से उधारकर्ता आयोग (Borrowers’ Commission) के गठन की प्रमुख मांग रखी जाएगी, ताकि ऋण लेने वाले नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

डिजिटल मुद्रा (CBDC) पर पारदर्शिता की मांग
कार्यक्रम में भारतीय मुद्रा प्रणाली एवं सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को लेकर भी पारदर्शिता की मांग उठाई जाएगी। आंदोलनकारियों का कहना है कि जनता को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि डिजिटल मुद्रा का संचालन व नियंत्रण किस संस्था के माध्यम से हो रहा है और उससे संबंधित नीतियां किस प्रकार लागू की जा रही हैं।

कथित अनियमितताओं पर जांच की मांग
आंदोलन के दौरान—
- बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न शिकायतें
- कथित अवैध वसूली
- मानसिक प्रताड़ना
- प्रशासनिक निष्क्रियता
जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही संबंधित मामलों में बैंकों/एनबीएफसी के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज कर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग शासन–प्रशासन से की जाएगी।
आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि देश में उपलब्ध मुद्रा की तुलना में कई गुना अधिक ऋण वितरण किया गया है। उनके अनुसार वर्तमान में लगभग 38 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा प्रचलन में है, जबकि केवल सरकारी बैंकों द्वारा ही लगभग 107 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त निजी बैंकों एवं विभिन्न वित्तीय कंपनियों द्वारा भी मुद्रा उपलब्धता की तुलना में कई गुना अधिक ऋण वितरण किया गया है। इसे गंभीर आर्थिक एवं वित्तीय अनियमितता बताते हुए उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।
कार्यक्रम की रूपरेखा
12:00 बजे – 1:30 बजे
पर्जाकरण, स्वास्थ्य, बैंकिंग एवं अन्य क्षेत्रों में किए गए शोध एवं तथ्यों की जानकारी
विषय विशेषज्ञों एवं माताओं द्वारा संबोधन
1:30 बजे – 2:30 बजे
भोजन एवं जलपान
2:30 बजे – 4:00 बजे
बैंकों द्वारा किए गए कथित षड्यंत्र, उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
वर्तमान समय में आम जनता पर प्रभावों पर वक्ताओं का संबोधन
4:00 बजे – 4:30 बजे
धरना स्थल से नारेबाजी
पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर महोदय को ज्ञापन एवं शिकायत पत्र सौंपना
जन अधिकार आंदोलन के संयोजकों ने सभी सामाजिक संगठनों, अधिवक्ताओं, युवाओं, बुद्धिजीवियों, पत्रकारों एवं आम नागरिकों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है।
“यह आंदोलन किसी संस्था या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं,
बल्कि आर्थिक अन्याय, बैंकिंग प्रताड़ना और नागरिक अधिकारों के हनन के खिलाफ जनता की लोकतांत्रिक आवाज है।”