भारतीय नागरिकता के बदले नियम, पासपोर्ट की पूरी जानकारी होगी अनिवार्य

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने नागरिकता नियम, 2009 में बड़ा संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपने पासपोर्ट की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।

18 मई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, आवेदकों को आवेदन पत्र में पासपोर्ट नंबर, जारी करने की तारीख, जारी करने का स्थान और समाप्ति तिथि जैसी सभी जानकारियां देनी होंगी। इसके अलावा यह घोषणा भी करनी होगी कि उनके पास संबंधित देश का कोई वैध या समाप्त हो चुका पासपोर्ट है या नहीं।

गृह मंत्रालय ने नियमों में नया पैराग्राफ (3ए) जोड़ते हुए यह भी अनिवार्य किया है कि भारतीय नागरिकता मिलने के 15 दिनों के भीतर आवेदक अपना पासपोर्ट संबंधित डाक अधीक्षक या वरिष्ठ अधीक्षक के पास जमा करेगा। यह नियम विशेष रूप से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों पर लागू होगा।

केंद्र सरकार के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नागरिकता हासिल करने की कोशिशों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे नागरिकता प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सख्त बनेगी।

यह संशोधन नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 18 के तहत किया गया है और राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही प्रभावी हो गया है। अधिसूचना गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव गया प्रसाद द्वारा जारी की गई है।

गौरतलब है कि वर्ष 2019 में लागू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया था। नए नियमों को सीएए के तहत आने वाले आवेदनों की जांच प्रक्रिया को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

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