वैश्विक तेल संकट के बीच भारत की रणनीति मजबूत, 74 दिन के भंडार का दावा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच पिछले ढाई महीनों से जारी तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सामान्य परिस्थितियों में इस मार्ग से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति होती है, जहां प्रतिदिन करीब 140 मालवाहक जहाजों की आवाजाही रहती है।

संभावित ‘ऑपरेशन स्लेजहैमर’ जैसे अमेरिकी सैन्य अभियान की आशंका के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने की आशंका और बढ़ गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों पर इस संकट का अपेक्षाकृत कम असर पड़ता है। अमेरिका स्वयं एक प्रमुख तेल उत्पादक देश है, जबकि चीन ने विशाल रणनीतिक भंडारण क्षमता विकसित कर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। चीन की भंडारण क्षमता अमेरिका से तीन गुना अधिक बताई जाती है।

भारत की स्थिति की बात करें तो देश ने वर्ष 2004 में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) बनाने की दिशा में कदम उठाया था। वर्तमान में भारत के पास लगभग 2.1 करोड़ बैरल तेल भंडारण क्षमता है, जो लगभग 10 दिनों की जरूरत के बराबर मानी जाती है। हालांकि सरकारी आकलन के अनुसार देश में कुल मिलाकर लगभग 74 दिनों की तेल जरूरत के बराबर भंडार उपलब्ध है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत को प्रतिदिन लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की आवश्यकता होती है। पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में नागरिकों से ऊर्जा बचत की अपील भी की है।

रणनीतिक भंडार प्रणाली की शुरुआत 2004 में तत्कालीन सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद हुई थी। इसके तहत इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (ISPRL) का गठन किया गया, जिसे देश में रणनीतिक तेल भंडार विकसित करने और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार तैयार करना अत्यंत जटिल और महंगा कार्य है, क्योंकि इसके लिए समुद्री तटों के पास कठोर चट्टानी क्षेत्रों में भूमिगत विशाल गुफाओं का निर्माण किया जाता है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक और भारी निवेश की आवश्यकता होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *