नारी डेस्क। डायबिटीज आज के समय में तेजी से बढ़ने वाली बीमारियों में शामिल है। इस बीमारी में दवाइयों के साथ-साथ सही खानपान का भी अहम रोल होता है। ऐसे में करेला एक ऐसी सब्जी मानी जाती है जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। स्वाद में कड़वा होने के बावजूद इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।
करेले में पाए जाने वाले खास तत्व
आयुर्वेद और कई रिसर्च के अनुसार, करेला शरीर में ग्लूकोज के उपयोग को बेहतर बनाता है। इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करते हैं।

चारेंटिन (Charantin): यह ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने में सहायक माना जाता है।
पॉलीपेप्टाइड-पी (Polypeptide-P): इसे ‘प्लांट इंसुलिन’ भी कहा जाता है, जो शरीर में इंसुलिन की तरह काम कर सकता है।
वाइसिन (Vicine): यह शरीर में ग्लूकोज के बेहतर उपयोग में मदद करता है।

डायबिटीज में करेला क्यों फायदेमंद है?
- इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है
- कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट कम होते हैं
- वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है
- एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C से भरपूर होता है
- सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने में सहायक हो सकता है
कैसे करें करेले का सेवन?
करेले का जूस: सुबह खाली पेट आधा गिलास जूस पीना फायदेमंद माना जाता है।
करेले की सब्जी: कम तेल और हल्के मसालों के साथ इसे खाया जा सकता है।
भुजिया और सूप: डायबिटीज मरीजों के लिए हल्का और पौष्टिक विकल्प है।
एयर फ्रायर चिप्स: कम तेल में हेल्दी स्नैक के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
जरूरी सावधानियां
- अधिक मात्रा में सेवन से ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है
- दवाइयां लेने वाले मरीज डॉक्टर की सलाह जरूर लें
- गर्भवती महिलाएं सीमित मात्रा में ही सेवन करें
- खाली पेट ज्यादा जूस पीने से परेशानी हो सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार, करेला डायबिटीज में सहायक हो सकता है, लेकिन यह इलाज नहीं है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह के साथ ही इसका बेहतर असर देखा जा सकता है।