रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) मुख्य सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम में संशोधन की तैयारी कर रहा है। इस दिशा में आयोग ने पहली बार अभ्यर्थियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। आयोग का उद्देश्य बदलते समय और प्रतियोगी परीक्षाओं की जरूरतों के अनुरूप मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और समसामयिक बनाना है।
आयोग ने सुझाव भेजने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष ऑनलाइन लिंक उपलब्ध कराया है। इच्छुक अभ्यर्थी इस लिंक के माध्यम से अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवारों को पहले पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा, जबकि पहले से पंजीकृत अभ्यर्थी अपनी मौजूदा यूजर आईडी से लॉगिन कर सीधे सुझाव भेज सकेंगे। आयोग ने अधिसूचना जारी होने की तिथि से एक माह तक सुझाव भेजने की समय-सीमा तय की है।
CGPSC ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित संशोधन का असर वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। मौजूदा भर्ती चक्र में शामिल अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा पहले से निर्धारित पुराने पाठ्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाने की संभावना है। ऐसे में उम्मीदवार अपनी तैयारी वर्तमान सिलेबस के आधार पर ही जारी रखें।
वर्तमान परीक्षा प्रणाली के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें सात अनिवार्य प्रश्नपत्र होते हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंकों का होता है और कुल अंक 1400 निर्धारित हैं। मुख्य परीक्षा पूरी तरह वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) होती है, जिसमें भाषा, निबंध और सामान्य अध्ययन से जुड़े विभिन्न विषय शामिल रहते हैं।
आयोग का कहना है कि अभ्यर्थियों से प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधनों पर विचार किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समकालीन और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि भविष्य की परीक्षाएं वर्तमान प्रशासनिक और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप आयोजित की जा सकें।