राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के परिपालन में विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला, कोलिहापुरी एवं पुलगांव उच्च माध्यमिक शाला में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी विरेन्द्र सिंह, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी आरती ध्रुव एवं व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी प्रियंका गोस्वामी तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) के दो काउंसलर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पुलगांव उच्च माध्यमिक शाला में आयोजित कार्यक्रम में न्यायाधीशों का विद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया गया। तत्पश्चात उन्होंने विद्यार्थियों को विश्व जनसंख्या दिवस के इतिहास, उद्देश्य एवं महत्व से अवगत कराया। इसके साथ ही कानून के प्रति जागरूकता, यातायात नियमों के पालन, कैरियर निर्माण तथा पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए।

शासकीय माध्यमिक शाला, कोलिहापुरी में आयोजित शिविर में LADCS के काउंसलरों ने विद्यार्थियों को विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व, नशामुक्ति, गुड टच एवं बैड टच तथा बाल संरक्षण संबंधी कानूनों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने, बिना हेलमेट एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाने तथा साइबर अपराधों से सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अनेक प्रश्न पूछे, जिनका उपस्थित न्यायाधीशों एवं काउंसलरों ने सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से उत्तर दिया। इसके अतिरिक्त विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के० विनोद कुजूर एवं सचिव उमेश कुमार भागवतकर के मार्गदर्शन में पैरालीगल वालेंटियर्स द्वारा दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी जागरूकता शिविर आयोजित कर नागरिकों को जनसंख्या संतुलन एवं उससे जुड़े सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक किया गया।
समग्र रूप से यह अभियान विद्यार्थियों एवं आमजन में विधिक जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।