हेल्थ डेस्क। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने, पैर मोड़कर रखने या लेटने के बाद पैरों में झुनझुनी महसूस होना सामान्य बात है। ऐसा नसों पर अस्थायी दबाव पड़ने के कारण होता है और कुछ ही मिनटों में ठीक भी हो जाता है। लेकिन यदि बिना किसी स्पष्ट कारण के पैरों में बार-बार झुनझुनी, सुन्नपन या जलन महसूस होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार यह नसों की समस्या, पोषण की कमी या कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत हो सकता है।
किन कारणों से होती है पैरों में झुनझुनी?
1. नसों पर दबाव (Pinched Nerve)
रीढ़ की हड्डी की समस्या, स्लिप डिस्क या लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से नसों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे झुनझुनी और सुन्नपन महसूस होता है।
2. शरीर में विषैले तत्वों का असर
आर्सेनिक, मरकरी या अन्य जहरीले रसायनों के संपर्क में आने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे झुनझुनी और कमजोरी हो सकती है।
3. अत्यधिक शराब का सेवन
लंबे समय तक अधिक शराब पीने से अल्कोहॉलिक न्यूरोपैथी हो सकती है, जिसमें नसें प्रभावित होती हैं और पैरों में दर्द, झुनझुनी व कमजोरी महसूस होती है।
4. तनाव और एंजायटी
मानसिक तनाव के दौरान कुछ लोगों को हाथ-पैरों में झुनझुनी के साथ तेज धड़कन, चक्कर और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
5. विटामिन B12 की कमी
विटामिन B12 की कमी नसों के कार्य को प्रभावित करती है। इससे झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी, थकान और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
6. डायबिटीज (मधुमेह)
लगातार बढ़ा हुआ ब्लड शुगर नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी के शुरुआती लक्षणों में पैरों में झुनझुनी और जलन शामिल है।
7. किडनी की बीमारी
किडनी ठीक से काम नहीं करने पर शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो नसों को प्रभावित कर सकते हैं।
8. पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD)
खराब रक्त संचार के कारण पैरों में दर्द, ठंडापन, झुनझुनी और चलने में परेशानी हो सकती है।
9. ऑटोइम्यून बीमारियां
ल्यूपस, सीलिएक डिजीज, रुमेटॉइड आर्थराइटिस और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी बीमारियों में प्रतिरक्षा प्रणाली नसों को नुकसान पहुंचा सकती है।
10. कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट
कीमोथेरेपी, मिर्गी और हाई ब्लड प्रेशर की कुछ दवाओं के कारण भी पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन हो सकता है।
किन लोगों को अधिक खतरा?
- डायबिटीज के मरीज
- विटामिन B12 की कमी वाले लोग
- अधिक शराब का सेवन करने वाले
- किडनी रोग से पीड़ित मरीज
- लंबे समय तक एक ही मुद्रा में काम करने वाले
- बुजुर्ग
- नसों की बीमारी से पीड़ित लोग
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि झुनझुनी लगातार बनी रहे, बार-बार हो, हाथ या पैर में कमजोरी महसूस हो, चलने में दिक्कत आए, तेज दर्द या जलन बनी रहे, पेशाब या मल पर नियंत्रण कम हो जाए, या अचानक चेहरे, हाथ या पैर के किसी हिस्से में सुन्नपन के साथ बोलने या देखने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
बचाव के आसान उपाय
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- विटामिन B12 सहित आवश्यक पोषक तत्वों की कमी न होने दें।
- ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें।
- शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं।
- नियमित व्यायाम करें और रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें।
ध्यान दें: पैरों में झुनझुनी हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन यदि यह बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या अन्य लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान और उपचार से कई गंभीर बीमारियों का प्रभावी इलाज संभव है।